Home खगड़िया खगड़िया गोगरी में भूरिया दियारा जाने वाली सड़क बाढ़ से हुई क्षतिग्रस्त। तेमथा करारी से दियारा कि ओर जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो सकी उसकी मरम्मत

खगड़िया गोगरी में भूरिया दियारा जाने वाली सड़क बाढ़ से हुई क्षतिग्रस्त। तेमथा करारी से दियारा कि ओर जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो सकी उसकी मरम्मत

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खगड़िया गोगरी में भूरिया दियारा जाने वाली सड़क बाढ़ से हुई क्षतिग्रस्त। तेमथा करारी से दियारा कि ओर जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो सकी उसकी मरम्मत

खगड़िया 2021 में बाढ़ और बारिश से 48 सड़कें हुईं क्षतिग्रस्त एक वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो सकी उसकी मरम्मत जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों ने भी कभी नहीं की इस विषय पर चर्चा, बाढ़ से होगा नुकसानकरोड़ों रुपए की रोड़ हर वर्ष बहा ले जाता है पानी, लेकिन नहीं निकाला जा रहा स्थायी समाधान.वर्ष 2021 में वरदायिनी गंगा ने 50 वर्षों के बाद अपना रौद्र रुप दिखाया था। उस समय बुजुर्गों ने बताया था कि 50 वर्ष पूर्व 1971 में गंगा में बाढ़ आई थी। तब बाढ़ के कारण बड़ी तबाही हुई थी। वहीं हाल वर्ष 2021 में गंगा और कोसी नदी में आई बाढ़ के कारण हुई। बाढ़ के कारण दर्जनों सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। बाढ़ के कारण जिले में 48 सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी। जिसके मरम्मत किये जाने की उम्मीद आज भी लोग लगाये बैठे हैं। सिर्फ सदर प्रखंड के ही तीन पंचायतों में तीन दर्जन से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थी। कुम्हरचक्की के वार्ड-4 में दो नई सड़क बाढ़ की भेंट चढ़ गई। एनएच-31 से नयन पंचायत समिति सदस्य के घर तक बनी सड़क टूट गई। सड़क पर 16 फीट चौड़ी और तीन फीट तक गड्‌ढा बन गया है। ग्रामीणों की मानें ताे सड़क निर्माण में ग्राम पंचायत से आठ लाख खर्च हुए थे। वहीं इससे चंद कदम आगे जिला परिषद योजना से बनी सड़क भी पूरी तरह से टूट कर पानी में बह गई थी। जो अभी दो भागों में बटी हुई है। इन सभी सड़कों का निर्माण वर्ष 2021 में ही किया गया था। वर्ष 2021 में गंगा और कोसी से आई बाढ़ के कारण खगड़िया में करीब 25 करोड़ रुपए से बनी सिर्फ सड़क का नुकसान हुआ था। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उन सड़कों का निर्माण वापस नहीं कराया जा सकता है। जिस कारण बड़ी आबादी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार फिर से बाढ़ का समय आ चुका है। अब पता नहीं इस बार कितना और नुकसान होगा।सात निश्चय से बनी सड़क विलिनरहीमपुर उत्तर, दक्षिण और मध्य पंचायत में कई ऐसी सड़कें हैं जो इस बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। रहीमपुर मध्य पंचायत में पूर्व मुखिया संजय यादव के घर के पास दो सड़कें पूरी तरह से टूट गई है। ये सड़कें दो वर्ष पूर्व बनी थी। इसी तरह चौथम प्रखंड के बंगलिया गांव की सड़क बागमती नदी की धारा अपने साथ बहा ले गई। इस सड़क का निर्माण 7 लाख रुपए की लागत से किया गया था। इसी तरह बाढ़ में रोहियार में भी एक महत्वपूर्ण सड़क बागमती नदी की धारा में कटने लगा था। जिसके बाद वहां कटाव रोधी कार्य शुरू कर उसे बचाया गया। चौथम के बंगलिया में सात निश्चय से बनी सड़क बागमती नदी में विलिन हो गई।

सात निश्चय से बनी सड़क विलिन
रहीमपुर उत्तर, दक्षिण और मध्य पंचायत में कई ऐसी सड़कें हैं जो इस बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। रहीमपुर मध्य पंचायत में पूर्व मुखिया संजय यादव के घर के पास दो सड़कें पूरी तरह से टूट गई है। ये सड़कें दो वर्ष पूर्व बनी थी। इसी तरह चौथम प्रखंड के बंगलिया गांव की सड़क बागमती नदी की धारा अपने साथ बहा ले गई। इस सड़क का निर्माण 7 लाख रुपए की लागत से किया गया था। इसी तरह बाढ़ में रोहियार में भी एक महत्वपूर्ण सड़क बागमती नदी की धारा में कटने लगा था। जिसके बाद वहां कटाव रोधी कार्य शुरू कर उसे बचाया गया। चौथम के बंगलिया में सात निश्चय से बनी सड़क बागमती नदी में विलिन हो गई।मानसी, परबत्ता और गोगरी में 6 करोड़ की सड़कें हुई थी बाढ़ से क्षतिग्रस्तगंगा में आई बाढ़ के कारण परबत्ता करीब दो करोड़ के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया था। इधर मानसी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित जालिमबाबू टोला और मटिहानी में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थी। इससे करीब 1 करोड़ का आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा था। जबकि गोगरी के आधा दर्जन पंचायतों में भी बाढ़ के कारण लगभग तीन करोड़ का आर्थिक नुकसान का अनुमान था। यहां बोरना का रिंग बांध टूटा है। जिससे लोगों को ज्यादा नुकसान हुआ था। स्थानीय लोग उक्त बांध को दियारा जाने के लिए सड़क के रूप में इस्तेमाल करते थे। अभी हाल में ही पंचायत से उक्त सड़क को ईंट सोलिंग कराया गया था। परबत्ता के विभिन्न पंचायतों के कई गांव में हर वर्ष गंगा के बढ़े हुए जलस्तर से आने वाली बाढ़ से उस गांव में कराये गये विकास को हर वर्ष गंगा का पानी बहा ले जाती है। ऐसे गांवों में तेमथा करारी, भरसो, भरतखंड, मुरादपुर, विष्णुपुर, माधवपुर, डुमरिया खुर्द तथा जागृति टोला का था। इसके अलावा भरतखंड ड्योढी तथा विकास नगर में सरकार के द्वारा कराए गए विकास कार्य को हर साल बाढ़ का पानी बहा ले जाती है। यही हाल सलारपुर गांव तथा बिशौनी गांव का भी हुआ था। इतना ही नहीं अगर आपको सड़क देखना हो तो आप परबत्ता प्रखंड मुख्यालय के पिडब्लूडी सड़क से लेकर नए भवन (आई टी ) तक जाने वाली सड़क को देखकर अंदाजा लगा सकते है. जब मुख्यालय मे बतौर सड़क बना सकते है तो प्रखंड के क्षेत्र मे विकास कि कितना गंगा वहा हुआ होगा इस सड़क को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. मौके पर खगड़िया के वर्तमान सांसद से संपर्क करने पर चौधरी महबूब अली कैसर ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों का तेज गति से कराया जाएगा निर्माण बाढ़ के दौरान जितनी भी सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है उसका निर्माण जल्द से जल्द कराया जायेगा। इसके लिए इस बार आते ही डीएम से मुलाकात करूंगा। जो सड़कें जिला स्तर से बनने वाली होगी उसपर तुरंत काम शुरू होगा। वहीं जो पटना या विभाग स्तर से बनेगा उसके लिए भी प्रयास किया जायेगा। जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए।

Gurudev kumar

Editor-in-chief

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