खगड़िया/परबत्ता प्रंंखड के जोरावरपुर पंचायत अंतर्गत गंगा की मुख्य एवं उपधारा के बीच में प्राथमिक विद्यालय कजज्लवन दियारा स्थापित है. इस विद्यालय में कुल 26 बच्चे नामांकित है तथा यहां 4 शिक्षक पदस्थापित हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस विद्यालय में करीब 6 बच्चों पर एक शिक्षक हैं. भले ही शिक्षा विभाग छात्र एवं शिक्षक के राष्ट्रीय औसत को पूरा करने के प्रयास में जुटा हुआ है. लेकिन कजज्लवन दियारा का यह विद्यालय कम से कम इस मामले में तो बेहतर है. यहां एक पुरुष शिक्षक एवं तीन महिला शिक्षिका कार्यरत हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक जोरावरपुर पंचायत के वार्ड नंबर 16-17 के कुछ भाग की आबादी गंगा की मुख्य धारा एवं उपधारा के बीच में अवस्थित है. दियारा क्षेत्र में शिक्षा का दीप जलाने को लेकर 2010 में इस विद्यालय की स्थापना किया गया था. लेकिन हर वर्ष इस विद्यालय में बच्चों की कमी बरकरार रही. हालांकि विद्यालय में सारी सुविधाएं उपलब्ध है. दियारा क्षेत्र में इस दो मंजिला विद्यालय की चमचमाती भवन है साथ ही रसोईघर, शौचालय, कक्षा भवन जैसी सुविधाएं उपलब्ध है.

कहते हैं प्रधानाध्यापक

प्राथमिक विद्यालय कजज्लवन दियारा के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बताया है कि पहले एक शिक्षक इस विद्यालय में कार्यरत थे और बाद के दिनों में तीन महिला शिक्षक की पदस्थापना हुई. बताया जाता है कि विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षक नियमित तौर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य कर रहे हैं. विद्यालय में 26 छात्र-छात्राओं में 14 छात्र व 12 छात्रा हैं. कुल 26 बच्चें नामांकित है.

नाव ही सहारा

प्राथमिक विद्यालय कजज्लवन दियारा पहुंचने के लिए नाव ही एक सहारा है. गंगा की उप धारा में नाव पर सवार होकर शिक्षक, शिक्षिका विद्यालय पहुंचते हैं. बाढ़ के दिनों में विद्यालय के कमरे में पानी चला जाता है. ऐसे में अत्यधिक बाढ़ आने पर दो माह एवं कम बाढ़ होने एक माह की छुट्टी होती है. बताया जाता है कि इस विद्यालय में पहले नामांकित बच्चों की संख्या 70 थी. लेकिन दिन प्रतिदिन इस क्षेत्र से परिवारों का पलायन होता गया और बच्चों की उपस्थिति में भारी कमी आई .

क्या कहते हैं बीईईओ

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रेनू कुमारी में बताया कि विभाग द्वारा शिक्षकों का पदस्थापन किया गया है. जहां बच्चों के अनुपात में शिक्षक की संख्या अधिक है, धीरे-धीरे वहां से शिक्षकों को हटाया जाएगा. साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ अन्य विद्यालयम में भी बच्चों के अनुपात के हिसाब से शिक्षक अधिक है. ऐसे में सुधार किया जाएगा।.

Gurudev kumar

Editor-in-chief

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