खगड़िया जिले के परबत्ता में स्वास्थ्य विभाग से अल्ट्रासाउंड केंद्र ही निबंधित हैं। जबकि, यहां किसी भी अल्ट्रासाउंड के पास रेडियोलॉजिस्ट अब तक उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोग ने विभागीय मिलीभगत बताते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक चार वर्ष पूर्व एक भी अल्ट्रासाउंड सेंटर नहीं था। चार की संख्या में अल्ट्रासाउंड खुले सेंटरों में लिंग परीक्षण की भी बातें सामने आती रहती हैं। कई बार कूड़े के ढेर और सड़कों के किनारे भ्रूण फेंक भी पाए गए हैं। इसकाे लेकर कई बार विरोध भी जताया गया है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच नहीं करता। विभाग के अधिकारी और पदाधिकारी के आने से पहले सेंटर वाले अपना सेंटर बंद कर लेते हैं। स्थानीय लोगों ने डीएम और सीएस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक इन सेंटरों के चलाने में अवैध चिकित्सकों सहित वैध चिकित्सकों का भरपूर सहयोग मिलता है। मोटी कमीशन के चक्कर में चिकित्सक इनके पास भेजते हैं, जिससे इनका हौसला बढ़ा हुआ है। स्थानीय लोग इस कारोबार के संचालन में सहयोगी बताते हैं बताते चले की परबत्ता प्रखंड के नगर पंचायत क्षेत्र के इंद्रानगर रूपोंहली निवासी मोहन दास के पुत्र गुंजन दास की पत्नी को गर्भवती थी जिसका चेकअप के लिए पटना अल्ट्रासाउंड परबत्ता मे 25 मार्च को जाँच करवाया जिसमे की एक बच्चा पेट मे होने की बात गया है। परन्तु पीड़ित ने प्रशव के दौरान दो बच्चे को जन्म दिया है वही अल्ट्रासाउंड संचालक द्वारा गलत रिपोर्ट दिए जाने से पीड़ित को बारवार तवियत ख़राब होतो जा रहा था. जिसमे बहुत पैसे ख़र्च हुआ वही पीड़ित ने अल्ट्रासाउंड संचालक द्वारा गलत रिपोर्ट देकर दोहन करने की बात कही है वही परबत्ता सहित जिले मे एक भी अल्ट्रासाउंड संचालक के पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है. वही पीड़ित के पति द्वारा प्रतिलिपि भेजा गया है स्वास्थ मंत्री बिहार सरकार, सिविल सर्जन खगड़िया, पुलिस अधीक्षक खगड़िया, परबत्ता थाना प्रभारी, परबत्ता सीएचसी प्रभारी .मौके पर परबत्ता सीएचसी प्रभारी डॉ धर्मेंद्र कुमार चौधरी ने बताया की पीड़ित के द्वारा आवेदन दिया गया है लेकिन रविवार होने कारण तीन गठित नहीं हो पाया है जल्द से जल्द फर्जी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई जांच अभियान चलाया जाएगा।

Gurudev kumar

Editor-in-chief

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