1 जुलाई 2023 से खगड़िया के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के संचालन का जिम्मा जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपा है। इसके पहले संचालन का जिम्मा रेडक्रॉस सोसाइटी के जिम्मे था। लेकिन रेडक्रॉस से मुक्त होते ही जिले का ब्लड बैंक एक बार फिर से विवादों में आ गया है। बताया जा रहा है कि रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा ब्लड बैंक को छोड़ने के पूर्व वहां से सारा सामान हटा लिया गया है। जिसके बाद अब लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब ब्लड डोनेशन के लिए लोगों को ब्लड बैग, केमिकल आदि बाजार से खरीदनी पड़ रही है। जिले के ह्यूमैनिटीज ब्लड डोनर्स ग्रुप के संस्थापक मनीत सिंह उर्फ मन्नू सरदार ने बताया कि ब्लड बैंक को जानबूझ कर इस मुसीबत तक पहुंचा गया है। रेडक्रास सोसाइटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लड बैंक में मौजूद सारे सामानों की आपूर्ति डीएचएस द्वारा की गई थी, जो रेडक्रॉस सोसाइटी के लोगों ने गायब कर दिया गया। ब्लड बैंक में लगे टेबल, कुर्सी, पंखा सहित सीसीटीवी कैमरा भी गायब है। सभी सामान 30 जून तक सही सलामत था, वह 1 जुलाई को खराब या टूट कैसे गया? डीएचएस को मात्र 11 यूनिट बल्ड और 7 ब्लड बैग ही उपलब्ध कराया गया। यहां तक कि ब्लड को सुरक्षित रखने वाले केमिकल भी डीएचएस को नहीं सौंपे गए। इस संबंध में दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार पड़ताल की। जिसमें पहले तो ऑन कैमरा ब्लड बैंक के स्टॉफ ने कुछ भी बताने से इंकार किया। लेकिन जब उनसे कैमरा बंद कर बातचीत शुरू की गई तो उनलोगों ने एक के बाद एक कई खुलासे किए। जो भास्कर के स्टिंग कैमरे में कैद होते चले गए। ^मार्च में ही रेडक्रॉस सोसाइटी का लाइसेंस समाप्त हो गया। ब्लड बैंक में जो सामग्री रेडक्रॉस द्वारा लगाया गया था, मैं सिर्फ उसी सामग्री को लाया हूं। जिसमें सीसीटीवी कैमरा और कुछ रिकॉर्ड लाएं हैं। उन्होंने बताया कि जो सामग्री वहां छोड़ा गया है। उसकी सूची बनाकर जिला स्वास्थ्य समिति को सुपुर्द कर दिया गया है। कुछ लोग सोसाइटी को नाहक बदनाम करने में लगे हुए हैं। -राज प्रियरंजन, रेडक्रॉस, मैनेजर।

Gurudev kumar

Editor-in-chief

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